सत्य_जिसका कभी नाश ना हो
(अविनाशी)
कौन है अविनाशी ? (परमात्मा)
परमात्मा हमारे परमपिता व माता है , तो परमात्मा समर्थ होकर भी हमे दुखी कैसे देख सकता है,हमारे पास क्यों नही आता और हमे लाभ क्यों नही देता ?
उत्तर_ परमात्मा सर्व शक्तिमान हैं पुरे ब्रम्हांड में जीतने भी जीवात्मा है सबको अपने लोक मे अपनी संतान की तरह देवरुप मे रख कर हमेशा के लिए बैठे - बैठे खिला सकता है नील, पदम , संख ,महासंख,जैसे असंख्य जीवात्मायें सभी ब्रम्हांड मे है पहले ये सब परमात्मा के अविनाशी स्थान पर रहा करते थे आत्मायें अपनी गलती के करण परमपिता से दुर हो गये है इसलिए कर्मफल ही मिलता है व दुखी है,
हमारे पास उस परमात्मा को देखने की सक्ती नही है वो इतना ज्यादा तेजोमय प्रकाशयुक्त शक्तीमान है कि अगर जहां वो जैसे रहता है वैसा का वैसा यहाँ आ जाय तो इस पृथ्वी के सरे प्राणी उसे देखना तो दुर सहन नही कर पायेगा,कैसे जैसे_हम सब मे पापकर्म के प्रभाव है हम सब आसुरी प्रवृत्ति के हो गये हैं
बुरे लोग अच्छे लोगों को देख कर खुश नही है राक्षस देवताओ को देखकर खुश नही है ठिक इसी तरह हम उस परमात्मा के तेज को सहन नही कर पायेंगे इसलिए परमात्मा अपने रूपको अन्य रूप में रूपांतरित करके आता है क्यों आता है ? हमे इस नर्क से हमेशा के लिये पापमुक्त व पवित्र करके अपने स्थान पर ले जाने के लिये जहां हर चीज अविनाशी नुरतत्व का है ये सब मुझे कैसे पता चला तो मै बता दुं
भगवान पृथ्वी पर आया किसी पुण्यात्मा को अपने बारे मे बताया उसे अपना लोक स्थान दिखाया अपना गवाह बनाया अपने पाने वहाँ जाने की वीधी बताई सब ज्ञान समझाया याददाश्त व भविष्य के लोगों के लिये सब ज्ञान एक ग्रंथ में जिसे सतग्रंथ साहेब कहते हैं लिख दी अब उस ज्ञान को समझाकर जन जन तक पहुचाने के लिये उस परमात्मा ने गुरु रूप मे स्वयं भी आ सकता है और अपना प्रतिनिधी भी नियुक्ति कर सकता है यहां से पता चला मेरे को,
🙏🏻सत् साहेब जी 🙏🏻🙇🏼🌴🥀🌷🌻💐🏵🌼💞💞

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